Garhwali Poem Kavita

मोबाईल मा दल्कनी खाणी ………..
मोबाइल बजणुय रिंग रिंग
बोई की जिकोडी कैग्याई धक धक
पिताजी परदेश भतेक फोन करणा
रिंगा धुन बोलणी पिताजी च छन
मोबाईल मा दल्कनी खाणी

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